एमपी में कांग्रेस की 17 सीटों पर सहमति, जबलपुर में तीन नाम का पैनल

लोस चुनाव : एमपी में कांग्रेस की 17 सीटों पर सहमति, जबलपुर में तीन नाम का पैनल
. आगामी लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने 17 सीटों पर लगभग सहमति बना ली है. जिसकी अगले कुछ दिनों में घोषणा भी कर दी जायेगी, वहीं जबलपुर में तीन नाम का पैनल बनाया गया है, जिसमें बाबू विश्वमोहन, जगत बहादुर सिंह अन्नू व प्रेम दुबे का नाम है. तीनों ही नाम पर जमकर कमशमकश चल रही है. मुख्यमंत्री कमलनाथ चाहते हैं कि विश्वमोहन को टिकट मिले, जबकि दिग्जिवय सिंह प्रेम दुबे पर दांव लगाना चाहते हैं, वहीं जगत बहादुर सिंह अन्नू की बात है तो वे कमलनाथ गुट के माने जाते हैं, उनके लिए वित्त मंत्री तरुण भानोट भरपूर प्रयास में लगे हैं.

बताया जाता है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमेटी ने जो सर्वे सभी सीटां पर कराये थे, उस सर्वे के बाद दिल्ली में बुलाई गई स्क्रीनिंग कमेटी आयोजित की गई, इस बैठक में 29 में से 17 सीटों पर सिंगल नाम तय कर लिए गए है. शेष रह गई 8 सीटों के बारे में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. इनके बारे में निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से चर्चा के बाद होगा. उधर, दिल्ली में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं मनमोहन सिंह बट्टी व गुलजार सिंह मरकाम की मुख्यमंत्री कमलनाथ से शुक्रवार को मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने शहडोल और मंडला सीटों की मांग रखी. पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चर्चा के बाद प्रत्याशियों की पहली सूची कभी भी जारी की जा सकती है.

सर्वे ने कांग्रेस की टेंशन बढ़ाई
दरअसल, सर्वे रिपोर्ट ने कांग्रेस को चिंता में डाल दिया है. रिपोर्ट में गुना, सतना और ग्वालियर सीटों पर समीकरण बदले हैं, इसी के चलते स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई और फिर से सीटों पर मंथन किया गया. बैठक में सिंधिया, कमलनाथ, दीपक बावरिया और दिग्विजय भी मौजूद रहे. सर्वे के बाद के सिंधिया के गुना से और दिग्विजय के राजगढ़ से लडऩे पर नाम पर सहमति नही बन पाई. चूंकी सर्वे रिपोर्ट में गुना की परिस्थितियां अनुकूल नहीं बताई गईं.अभी तक सिंधिया और उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया ने गुना संसदीय क्षेत्र में फोकस कर रखा था. संभावना जताई जा रही है कि राहुल गांधी से चर्चा के बाद सिंधिया को ग्वालियर और प्रियदर्शनी को गुना से उतरा जा सकता है. वही दिग्विजय सिंह को राजगढ़ की जगह भोपाल से चुनाव लडऩे को कहा गया है.चुंकी अभी तक पार्टी को भोपाल से कोई जिताऊ उम्मीदवार नही मिल पाया है.

बड़े नेताओं के बीच जारी रही खींचतान, सुरक्षित सीट चाह रहे दिग्गज
समीकरण बदलने के कारण रीवा से दिवंगत नेता सुंदरलाल तिवारी के पुत्र सिद्धार्थराज को टिकट देने पर सहमति बन रही है. बैठक में करीब एक दर्जन सीटों पर कमलनाथ और दिग्विजय के बीच खींचतान की भी खबरें रहीं. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह स्वयं के लिए राजगढ़ की सुरक्षित सीट चाहते हैं, जबकि मुख्यमंत्री उन्हें भोपाल से चुनाव लड़ाना चाहते हैं. दिग्विजय भोपाल के बजाए इंदौर को पसंदीदा सीट मानते हैं. होशंगाबाद सीट के लिए मुख्यमंत्री की पसंद शैलेंद्र दीवान हैं, जबकि सिंह की ओर से रामेश्वर नीखरा का नाम है. इस सीट से सुरेश पचौरी भी जोर आजमाइश में लगे हैं. विदिशा से दिग्विजय, राजकुमार पटेल को चाहते हैं, वहीं, कमलनाथ की इच्छा शैलेंद्र पटेल को लड़ाने की है.

जबलपुर से तीन नाम का पैनल
बात जबलपुर की करें तो यहां कमलनाथ की ओर से विश्वमोहन दास का नाम रखा गया है, जबकि दूसरे गुट की ओर से जगत बहादुर सिंह अन्नू और प्रेम दुबे के नाम सामने आ रहे हैं. आला नेता जबलपुर में जिताऊ केंडीडेट की तलाश में अभी भी हैं, वहीं सर्वे के बाद माना जा रहा है कि अजय सिंह को पार्टी अब सीधी से चुनाव लड़वा सकती है. मुरैना सीट से बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायक बलवीर सिंह दंडोतिया ने भी दावेदारी जताई है. मंदसौर सीट से मीनाक्षी नटराजन को पार्टी चुनाव लड़ाने के मूड में है, लेकिन वे इच्छुक नहीं है.

इनके नाम लगभग तय, घोषणा शेष
छिंदवाड़ा से नकुलनाथ, रतलाम-झाबुआ से कांतिलाल भूरिया, मुरैना से रामनिवास रावत, भिंड से महेंद्र बौद्ध, सागर से प्रभूसिंह ठाकुर, टीकमगढ़ से संजय कसगर, दमोह से रामकृष्ण कुसमरिया, सतना से राजेंद्र सिंह, रीवा से सिद्धार्थ राज तिवारी, सीधी से अजय सिंह, मंडला से गुलाब सिंह, बालाघाट से विश्वेश्वर भगत, देवास से प्रहलाद टिपानिया, उज्जैन से नीतिश सिलावट, धार से गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी, खरगोन से प्रवीणा बच्चन और खंडवा से अरुण यादव का है।

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