जबलपुर.एके-47 चोरी मामले में महत्वपूर्ण सबूत सहित बारूद और गन असेंबल करने वाले कलपुर्जे बरामद

क्राइम ब्रांच एवं एफएसल टीम ने खंगाला पुष्षोत्मलाल के घर का कोना-कोना
महत्वपूर्ण सबूत सहित बारूद और एके-47 गन असेंबल करने वाले कलपुर्जे बरामद
जबलपुर।
सेन्ट्रल आर्डनेंस डिपो (सीओडी) में एके-47 चोरी मामले में गिरफ्तार पुरुषोत्तमलाल रजक द्वारा खुद गनों को असेंबल करने के खुलासे के बाद क्राइम ब्रांच ओर एफएसएल की टीम ने उसकी मौजूदगी में घर-घर को कोना कोना छान मारा। पुरुषोत्तम की मौजूदगी में टीम ने न सिर्फ तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण सबूत जुटाए बल्कि बारूद और एके-47 गन असेंबल करने वाले कलपुर्जे भी बरामद किये गए। इसके अलावा क्राइम ब्रांच की टीम
ने पुरषोत्तम के घर से 2 टू व्हीलर भी जप्त की,जिसका उपयोग पुरुषोत्तम सेना के 506 आर्मी बेस वर्कशॉप से एके-47 गन के कलपुर्जे चोरी करता था। क्राइम ब्रांच की मानें तो पुरुषोत्तम से पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है, जिसको वैरीफाई किया जा रहा है।

ये है मामला
सीओडी से वर्ष 2012 से एके-47 रायफल पाट्र्स मुंगेर निवासी नियाजुल हसनए
शमशेर और इमरान को बेचा जा रहा था। 29 अगस्त को मुंगेर में तीन एके-47 रायफल के साथ इमरान की गिरफ्तारी से इसका भंडाफोड़ हुआ। इसके बाद जबलपुर पुलिस ने चार सितम्बर को 2008 में सेवानिवृत्त हुए पुरुषोत्तम, उसकी पत्नी चंद्रवती, बेटा शीलेंद्र और सीओडी से एके-47 रायफल चुराने वाले
सुरेश को दबोचा था। पुरुषोत्तम पंचशील नगर अपने घर में एके-47 रायफल तैयार कर पत्नी के साथ मुंगेर सप्लाई करने जाता था।

रीवा में भी हुई पूछताछ
वहीं जब जबलपुर में पुरुषोत्तम के घर पर तलाशी बभियान चल रहा था। उसी वक्त एक टीम ने पुरुषोत्तम के रीवा स्थित पुश्तैनी मकान महमूदपुर में भी टीम ने दबिश दी। जहां पुरुषोत्तम के परिजनों से भी करीब एक घंटे तक पुलिस टीम ने सघन पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में परिजनों से भी कुछ
नामचीन लोगों के नाम सहित अहम सुराग हाथ लगे है जिसकी तफ्तीश टीम ने शुरु
कर दी है।

2 दिन की बढ़ी रिमांड
लंबी पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ओर गोरखपुर पुलिस ने आर्मरर पुरुषोत्तम
को कड़ी सुरक्षा में पहले नायब तहसीलदार की कोर्ट में पेश किया गया जिसके बाद उसे मुलाहजा करने के लिए विक्टोरिया अस्पताल पहुंचाया गया। इसके पश्चात परीक्षण उपरांत उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया।

26 चेहरों की तलाश
वर्ष 2016 में ढाका स्थित हॉली ऑर्टिसन बेकरी कैफे में हमला करने के लिए आतंकियों ने मुंगेर से ही एके-47 रायफल हासिल किए थे। उस दौरान बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसी की पहल पर राष्ट्रीय अनुसंधान ब्यूरो की
टीम मुंगेर पहुंची थीए लेकिन तब उनके हाथ कोई भी सुराग नहीं लगा था। हथियार तस्करी नेटवर्क में सामने आए 26 चेहरों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम भी 15 सितम्बर को मुंगेर
पुलिस की गिरफ्त में आए इमरानए उसके बहनोइ शमशेर और नियाजुल हसन सहित कई
लोगों से पूछताछ करने जाएगी।

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