सांसद का खून बहा विधायक का खून बहा 3700 बम 48 रिवाल्वर 148 तलवारें जब्त चुनाव है भाई,खून से लाल होती ज़मीन,राजनैतिक गुंडों की भरमार।


पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सियासी महासंग्राम जारी है। पिछले छह दिनों से नामांकन दाखिल करने को लेकर एक के बाद एक हिंसक घटनाएं हो रही हैं। शुक्रवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कांग्रेस की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पुलिस प्रशासन को पंचायत चुनाव में नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को सुरक्षा देने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद शनिवार को हिंसा नहीं थमी। राज्य के कई जिलों में पूरे दिन व्यापक हिंसा होती रही, जिसमें गोलीबारी और बमबाजी भी हुई। इस चुनावी हिंसा में दो दर्जन से अधिक लोगों के जख्मी होने की खबर है।
बीरभूम जिले में भाजपा प्रत्याशियों को नामांकन से रोकने के लिए बमबाजी व गोलीबारी की गई, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। भाजपा कार्यकर्ता व समर्थक भी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। पुलिस की मौजूदगी में यह सब चल रहा था। भाजपा, माकपा व कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ता पुलिस की मदद से बैरिकेड लगाकर विरोधी दलों के प्रत्याशियों को नामांकन करने से रोक रहे हैं। उधर मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, पूर्व व पश्चिम ब‌र्द्धमान, हुगली तथा पश्चिम व पूर्व मेदिनीपुर जिलों में भी नामांकन दाखिल करने को लेकर संघर्ष हुआ।
हुगली जिले में तो नामांकन करने जा रहीं फॉरबर्ड ब्लॉक की महिला प्रत्याशियों तथा पूर्व विधायक के मुंह पर कालिख पोत दी गई। इधर राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने हर दिन विरोधी दल प्रदर्शन कर रहे हैं। दो दिन पहले भाजपा नेताओं ने धरना दिया था तो शुक्रवार को वाममोर्चा और शनिवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया व धरना दिया। हिंसा को लेकर भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, जिस पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है। सोमवार को फैसला आएगा।
दूसरी ओर तृणमूल महासचिव एवं मंत्री पार्थ चटर्जी का आरोप है कि माकपा व भाजपा हिंसा करा रही है, क्योंकि उनके साथ जनता नहीं है। वहीं नगर विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा है कि विपक्षी दल आपस में मारपीट कर हिंसा फैला रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस को बदनाम कर रहे हैं। शनिवार को बांकुड़ा में वाममोर्चा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती की उपस्थिति में माकपा के जुलूस पर हमले के सवाल पर फिरहाद ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण ढंग से नामांकन भरने की व्यवस्था की है। जहां धारा 144 लागू कर नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है वहां लोगों के बाहर से जाकर अशांति फैलाने का क्या तुक है। फिरहाद ने कहा कि बांकुड़ा में जहां शांतिपूर्ण ढंग से नामांकन प्रक्रिया चल रही थी, वहां कोलकाता से सुजन चक्रवती के जाने की क्या जरूरत थी।
ब‌र्द्धमान और दुर्गापुर में तृणमूल समर्थकों का उत्पात
पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल करना भी भाजपा और माकपा कार्यकर्ताओं के लिए दुर्गापुर और ब‌र्द्धमान में चुनौती बन गया है। तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हमले से दोनों दलों के समर्थक सकते में हैं। शनिवार को दुर्गापुर में भाजपा के कैंप कार्यालय पर हमला हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष लखन घोरुई को चाकू मारकर जख्मी कर दिया गया। जबकि ब‌र्द्धमान में नामांकन कराने जा रहे माकपा प्रत्याशियों व कटवा में नामांकन कराने जा रहे भाजपा प्रत्याशियों के जुलूस पर हमला किया गया। हमलों में भाजपा और माकपा के कई समर्थक जख्मी हुए हैं। बवाल के दौरान तृणमूल कांग्रेस की महिला समर्थकों के तेवर भी बेहद तीखे दिखे। घायलों का अस्पताल में इलाज हो रहा है।

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