सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल आज राज्यसभा में किया जाएगा पेश

सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल आज राज्यसभा में किया जाएगा पेश
सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल (नागरिकता संशोधन बिल) आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। पिछले महीने यानी 8 जनवरी को सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल लोकसभा में पास कराया गया था। इसके बाद से इस बिल का उत्तर-पूर्व राज्यों में भारी विरोध हो रहा है।
बीजेपी शासित नार्थ ईस्ट के दो राज्यों अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया है। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ 30 मिनट तक चली मुलाकात में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन। बीरेन सिंह ने अनुरोध किया कि ये विधेयक राज्यसभा से पारित न हो।
बता दें कि सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल 2016 के तहत सिटीजनशिप कानून 1955 में संशोधन कर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर मुस्लिम धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दिए जाने की बात कही गई है।
इस बिल के कानून बनने के बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

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