नाबालिग बंधुआ मजदुर मामले मे आरोपी को 10 – 10 वर्ष की सश्रम कारावास … साथ चलने कहकर साथ ला लिया

वारासिवनी – नाबालिक बच्चों को बहला फुसलाकर लालच देकर अन्य राज्य मजदूरी कराने लेकर जाने के मामले मे मान. न्यायालय मे गम्भीर मानते हुए आरोपी को दस दस वर्ष सश्रम सहित दो दो हजार रूपये अर्थ दर्ण्ड सुनाया ।
जानकारी अनुसार 5 नाबालिकों बच्चो को बहला फुसला कर लालच देकर कर्नाटक राज्य बंधुआ मजदूरी कराने ले जाने के आरोपी विजय नगपुरे को मान. द्वितिय अपर सत्र न्यायधीष श्रीमती नोरिन निगम ने अभियोजन पक्ष के गवाहो की साक्ष्य के आधार पर और अभियुक्त को दोषी पाकर धारा 370 दासता की बुराई तथा दास के रूप मे व्यक्ति के व्यापार करने की बुराई को देखते हुए और दास के रूप मे जैसे अबोध बच्चों का षारिरिक षोषण करने जैसे अपराध मे न्यायालय द्वारा प्रत्येक नाबालिक को अपहृरत कर ले जाने के कारण अलग अलग प्रकरण बनाया । जिसमे प्रकरण क्रमांक 43/15, 44/15, 45/15, 46/15, 47/15 प्रत्येक सत्र प्रकरण मे आरोपी विजय उर्फ विजेष उर्फ विषेष पिता ननैहालाल मोहारे उम्र 38 वर्ष जाती लोधी निवासी ग्राम धापेवाडा बालाघाट को 10 – 10 वर्ष की सश्रम कारावास एवं दो – दो हजार रूप्ये का अर्थ दण्ड के रूप् मे दण्डित किया है । जिसमे अर्थ दण्ड की राषी मे से अपील अवधी के पष्चात प्रत्येक पीडित को 15 – 15 सौ रूप्ये देने का आदेष पारित किया है । मामले मे अतिरिक्त लोक अभियोजक राजेन्द्र कोहाड द्वारा की गई है ।
यह था मामला – ग्राम पंचायत गर्रा से अपने नाबालिक बच्चो की चिन्ता लेकर गत 13 दिसम्बर 2015 को नाबालिक बच्चों के अभिभावकों थाना पहुचे थे । अभिभावकों ने थाने मे 2 दिसम्बर से उनके नाबालिक बच्चे बिना कुछ बताये नदारत होने की षिकायत दर्ज कराई थी । जिनमें षैलेन्द्र यादव, लोकेष यादव, विपिन यादव, विकास यादव, सूरज यादव षामिल है । लापता बच्चों की रिष्तेदारों एवं आसपास जानकारी प्राप्त की गई किन्तु उनका पता नही चल पाया । वही 11 दिसम्बर को ग्राम की खेलन बाई के पास उसके पुत्र षैलेष ने फोन कर बताया था कि उसे धापेवाडा निवासी विजय मोहारे ने नागपुर एक दो दिन काम के लिये अधिक पैसे देने का लालच देकर साथ चलने कहकर साथ ला लिया है । किन्तु उन्हे नागपुर के बजाय कर्नाटक मे लाकर खेत के काम मे लगा दिया है । काम पर लगाने के बाद उन्हे छोड कर कही चला गया है । कर्नाटक मे जहां वह काम कर रहे है वहा गर्रा सहित आसपास के अन्य लोग भी काम कर रहे है । अब उन्हे समय पर न तो खाना दिया जा रहा है और न ही उन्हे वहां से निकलने दिया जा रहा है ।
कर्नाटक से बच्चो को दस्तयाब किया था पुलिस टीम ने – अभिभावकों की षिकायत को गम्भीरता से लेते हुए तत्कालीन पुलिस महानिरिक्षक डीसी सागर एवं पुलिस अधिक्षक गौरव तिवारी ने थाना प्रभारी नरेन्द्र यादव को निर्देष देकर पुलिस टीम गठित की और तत्काल कर्नाटक रवाना किया था । कर्नाटम के ओली मंगलूर मे एक किसान के खेत मे बालाघाट जिले के 16 मजदूर गन्ना काटते हुए मिले जिसमे 6 महिलाऐ भी शामिल थी । गर्रा के पांच नाबालिक बच्चो को लेकर वारासिवनी पुलिस टीम वापस आ गई । वही कर्नाटक के किसान षिवनंदन ने बताया कि विजय मोहारे ने उनसे पांच लाख रूपये मजदुर लाने के एवज में लिये है । बच्चों को वापस लाकर पुलिस ने परिजनों को सौप दिया और फरार आरोपी विजय मोहारे की पता साजी मे जुट गई थी । जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार करने मे सफलता पाई थी ।