प्याज बिक्री की आड में लाखों रूपयों का वारान्यारा….20 पैसे प्रति किलो की दर से बिक्री

बालाघाट प्याज उत्पादक जिलों से बालाघाट जिले में नीलामी के जरिये बिक्री के लिये आई प्याज बिक्री की आड में लाखों रूपयों का वारान्यारा किये जाने की जानकारी मिली है।
अपनी करतूत छिपाने के लिये अधिकारियों ने प्याज के सड जाने के कारण जनता को सडी प्याज की बदबू से निजात दिलाने का बहाना बनाया है।
अधिकारियांे ने प्याज की बिक्री के नाम पर कुछ चहेते लोगोें को उपकृत कर उनके नाम पर बिक्री बताई है।
ऐसा ही एक मामला तहसील मुख्यालय वारासिवनी के समीप मेंहदीवाडा में स्थित कटरे राईस मिल के निर्माणधीन गोदाम में भण्डारित की गई प्याज से जुडा हुआ है।
इस गोदाम में 1 माह के अंतराल में 3149 क्विंटल प्याज भण्डारित की गई थी भण्डारित प्याज को वारासिवनी के प्रमुख सब्जी व्यापारी जगदीश सेवलानी ने भण्डारित प्याज का अवलोकन कर उसे 2 रूपये से 2.50 की दर पर प्याज खरीदने का आफर दिया था लेकिन नागरिक आपूर्ति निगम एवं खादय विभाग ने अधिकारी 3 रूपये 3.50 प्रति किलों की दर से प्याज बेचने के लिये अडे रहें। खरीदीकर्ता भोजश पटले ने जानकरी में बताया वह किसान हैं खेती के लिए उसे खाद की जरूरत पडती है। खरीदी हुई प्याज से वह जमीन मे सडाके खाद बनायेगा जो को 20 पैसे प्रति किलो की दर से खरीदी हैं। इस अंतराल में गोदाम में रखी प्याज में से चोरी छिपे प्याज की बिक्री की जाती रही ऐसी जानकारी मिली है।
बारिश होने के कारण प्याज की कुछ मात्रा सडने लगी लेकिन अधिकारी अपनी जिद पर अडे रहे।
3149 क्विंटल प्याज का 2 रूपये प्रतिकिलो की दर से 629800 रूपये का आकलन होता है।
नागरिक आपूर्ति निगम के क्वालिटी इंस्पेक्टर आर के बैरागी ने स्वीकार किया की मेंहदीवाडा स्थिति कटरे राईस मिल के गोदाम में 3149 क्विंटल प्याज भण्डारित की गई थी लेकिन भण्डारित प्याज के सड जाने के कारण उसे 20 पैसा प्रतिकिलो की दर से भोजेश्वर पटले खापा निवासी को नीलामी के जरिये बेच दी गई है।
दो दिन पूर्व उक्त भण्डारित प्याज को 20 पैसे प्रति किलो की दर से भोजेश्वर पटले नामक मिल संचालक को 3149 क्विंटल प्याज बेच दी गोदाम के सामने सडी हुई प्याज की कुछ मात्रा खेत में बिखरी पडी हुई है तथा गोदाम के अंदर नाममात्र की प्याज की बोरियां रखी हुई है जिनसे बदबू आ रही है।
इस तरह भण्डारित समूची प्याज की मात्रा को सड जाना बताकर 20 पैसा प्रतिकिलो की दर पर बेचकर अधिकारियों ने लाखांे रूपयों का वारान्यारा इस कारगुजारी के जरिये कर दिया।
यह उल्लेखनीय है कि आज भी बाजार में 10 किलो की दर से प्याज बेची जा रही है तो दूसरी तरफ अधिकारी प्याज का सडना बताकर उसे मिट्टी मोल बेचने की आड में मालामाल हो रहे है।

Related posts