मध्यप्रदेश : इस श्मशान में कोई अपनों को नहीं जलाता ?

वो श्मसान, एक ऐसा श्मशान है, जहां रात के अंधेरे में कोई आता है, वो श्मशान, ऐसा श्मशान है, जहां अब लोग किसी अपने का अंतिम संस्कार भी नहीं करना चाहते, वो श्मशान ऐसा हैं, जहां का सन्नाटा लोगों को ख़ौफ़ में डाल रहा है, आखिर क्या है इस श्मशान का पूरा किस्सा ?
ये है पूरा मामला
मध्यप्रदेश में एक जिला है सतना, और सतना में एक जगह है उचेहरा, बस कहानी इसी गांव के श्मशान की है, और ये कहानी ऐसी है, जिसे जो जान रहा है, हैरान हो रहा है
कुछ दिन पहले रामकुमार गुप्ता का निधन हुआ, बड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति थे गुप्ता जी, पूरा इलाका गुप्ता की सज्जनता का कायल हुआ करता था, तो गुप्ता जी का निधन हो गया, पूरा इलाका उनका परिवार शोक में डूब गया, खैर, रस्म तो निभानी पड़ती है, गुप्ता जी का उचेहरा के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया, कहने का मतलब ये कि गुप्ता जी के शव को इसी श्मशान घाट में अग्नि दी दई, लेकिन दूसरा दिन जो आया, वो पूरे इलाके और परिवार के लिए गुप्ता जी की मौत की खबर से ज्यादा दुखी करना वाला था ।
तो आखिर हुआ क्या ?
दरअसल जब गुप्ता परिवार दाह संस्कार के अगले दिन अस्थि संचय यानि हडडियां इकट्ठी करने पहुंचा तो हैरान रह गया, श्मशान घाट में जिस जगह लाश जलाई गई थी,वहां सिर्फ राख बिखरी हुई थी, और राख में एक भी अस्थि नहीं थी
आखिर अस्थियां गई कहां ?
यहीं वो सवाल है, जिसका जबाव पूरा इलाका और पुलिस खोज़ रही है, हकीकत ये है की उचेहरा में अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां चोरी होने का ये पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है, लेकिन ऐसा कौन करता है और क्यों करता है, इसका पता आज तक नहीं लग पाया हैं
इस बात का है शक़
श्मशान घाट में जब अस्थियां चोरी होती है, तब एक बात जरुर देखने को मिलती है, श्मशान घाट में नींबू, हवन और दूसरे ऐसे सामानों के अवशेष मिलते हैं, जिससे शक पैदा होता है कि कोई है, जो यहां आकर तांत्रिक क्रियाएं करता है, पर राज अभी तक राज है

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