मुठभेड़ के बाद झांसी के अपहृत कारोबारी को मुक्त कराया

झांसी से अगवा किए गए दो सराफा व्यवसायियों को मंगलवार रात एसटीएफ और पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मुक्त करा लिया। सिकंदरा थाना क्षेत्र के निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट पर एसटीएफ की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। अपहर्ताओं ने पकड़ को फ्लैट में बंधक बना कर रखा था। झांसी एसटीएफ और लखनऊ एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। बदमाशों ने कारोबारियों की रिहाई के एवज में 30 करोड़ रुपये की मांग की थी। मुठभेड़ के दौरान बदमाश फायरिंग करते हुए भागने में कामयाब रहे। देर रात पुलिस उनकी तलाश में लगी थी।

झांसी कोतवाली क्षेत्र से 12 जुलाई को सराफा व्यवसायी राजू कमरिया और राहुल अग्रवाल का अपहरण कर लिया गया था। मामला उप्र सरकार तक पहुंचा तो कारोबारियों की तलाश में एसटीएफ को लगाया गया। एसटीएफ और पुलिस की कई टीमें अपहर्ताओं के पीछे लगी थीं। इस मामले को लखनऊ एसटीएफ के डीआईजी मनोज तिवारी खुद मॉनीटर कर रहे थे।

घटना से अपार्टमेंट और आसपास इलाके में दहशत फैल गई। फायरिंग से दहशतजदां लोग फ्लैटों से निकल आए। अपार्टमेंट के गार्ड भाग गए। इस दौरान कारोबारी पुलिस ने बरामद कर लिए। एसटीएफ के डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि पुलिस और एसटीएफ इलाके में बदमाशों की तलाश में कॉबिंग कर रही है।
अपहरणकर्ताओं से व्यवसायियों को मुक्त कराने के बाद पुलिस ने सूचना झांसी में व्यापारियों के परिवार को दी। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों व्यापारियों का परिवार झांसी से आगरा की तरफ चल दिया। 12 जुलाई को कारोबारियों के अपहरण के बाद पिछले 13 दिन से परिवार परेशानी में था।

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