मोहम्मद हसन धमकी दे रहा था योगी आदित्यनाथ बन कर.

ख्यमंत्री योगी का सचिव बनकर अफसरों को धमकाने वाले तीन नटवरलाल को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की कार्रवाई अलीगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराने के बाद की गई है,जिसे कानपुर के डीएम की तरफ से दर्ज कराई गई थी।
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-बीते दिनों कानपुर के डीएम सुरेन्द्र कुमार सिंह के सीयूजी नंबर पर एक शख्स ने कॉल किया। शख्स ने कहा कि, ”सीएम योगी ने आरएसपीएल ग्रुप के सभी प्रतिष्ठानों पर छापेमारी के आदेश दिए हैं। आप तत्काल कार्रवाई कर मुझे जानकारी दें ।”
– डीएम को इस कॉल पर शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। डीएम ने पुलिस को बताया कि 26 जुलाई की सुबह 10 बजे एक शख्स ने उप श्रमायुक्त आरके मिश्र को फोन किया। उसने अपना नाम राकेश कुमार बताया। उसने आरके मिश्र से कहा कि, ”सीएम योगी ने आरएसपीएल ग्रुप के सभी प्रतिष्ठानों में आज ही छापेमारी करने का आदेश दिया है।”
– इसके बाद जालसाज ने डीएम कानपुर सुरेन्द्र सिंह को फोन किया। जालसाज ने डीएम से भी वही सारी बातें की जो उसने उप श्रमायुक्त से की थी।
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अलीगंज के हसन के नाम पर है सिम कार्ड
– डीएम सुरेन्द्र सिंह ने सबसे पहले इस कॉल की जानकारी एसएसपी कानपुर को दी। इसके बाद कानपुर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कॉल की डिटेल निकाली। इसमें पता चला कि जिस नंबर से कॉल की गई थी वह अलीगंज के सेक्टर-आर निवासी हसन के नाम पर है।
– कानपुर पुलिस के मुताबिक उक्त सिम कार्ड 5 मई 2017 से चल रहा है। पुलिस की छानबीन में पता चला कि फोन करने वाले शख्स का सीएम से कोई लेना-देना नहीं है।
– मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सुरेन्द्र कुमार सिंह ने एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार को मामले की जानकारी दी। डीएम की तहरीर पर अलीगंज पुलिस हसन के खिलाफ आईपीसी की धारा 170, 182 और 416 के तहत मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

ट्रू कॉलर पर योगी के नाम से है नंबर
– इतना ही नहीं जब ट्रू कॉलर पर इस नंबर को चेक किया गया तो चौंकाने वाली बात सामने आई। इस नंबर पर योगी आदित्यनाथ (सीएम) लिखकर आया।
– इसके साथ ही पता-5 कालीदास मार्ग और सरकारी वेबसाइट का विवरण लिखकर गया था।

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