वारासिवनी खैरलांजी कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप गुड्डा जैसवाल को भरना पड़ा निर्दलीय नामंकन,संजय सिंह मसानी इस छेत्र के लिए कोई नया नाम भी नही

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की वारासिवनी विधानसभा सीट प्रदेश की चर्चित हाट सीटों में शामिल
मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले संजय मसानी ने कांग्रेस से भरा अपना नामंकन
तो वही कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप गुड्डा जैसवाल को भरना पड़ा निर्दलीय नामंकन

वारासिवनी खैरलांजी विधानसभा छेत्र का चुनाव काफी रोचक एवम व्यक्ति विशेष पर ज्यादा केंद्रीत दिखाई पड़ रहा है।जिस तरह से ।टिकट की दावेदारी और टिकट वितरण को लेकर आखरी तक सस्पेंस बना रहा जहाँ येन वक्त पर कांग्रेस की टिकट मुख्यमंत्री शिवराज के साले संजय सिंह मसानी ले आये ।इस तरह की बनी इस्थिति से कांग्रेसी कार्यकर्ता असमंजस्य में है कि आखिर किस ओर जाए ।पार्टी के बैनर तले या व्यक्ति विशेष पर।हालांकि संजय सिंह मसानी इस छेत्र के लिए कोई नया नाम भी नही है ।संजय सिंह मसानी ।लंबे समय से इस छेत्र में सक्रिय रहे है लोगो के बीच रहे है।उन्होंने अभी छेत्र के 150 ग्रामो में ।बुजुर्ग सम्मान यात्रा ।स्वास्थ शिविर।रोजगार मेला।महिला सत्संग।जैसे कार्यक्रम स्वयम चलाकर ।लोगो की सुर्खियां बटोरी थी अतः उनसे भी काफी लोग व्यक्तिगत रूप से जुड़े है।जबकि अब वे कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जनता के सामने है

।वही प्रदीप गुड्डा जैसवाल ।बालाघाट जिले के कांग्रेसी कद्दावर नेता माने जाते है।जो इस वरासिवनी छेत्र से तीन बार विधायक रह चुके है जिनकी व्यक्तिगत पकड़ भी लोगो के बीच अछि ही मानी जाती है अब उन्होंने भी निर्दलीय फार्म भर दिया है ।वही संजय सिंह मसानी अपने चुनाव प्रचार में जुट चुके है ।इसके अलावा छेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर योगेंद्र निर्मल ।बसपा प्रत्याशी रामकुमार नगपुरे।निर्दलीय के रूप में गौरव सिंह पारधी।समाजवादी एवम एपीआई से भी प्रत्याशी जोर लगा रहे है

वही बात करे राजनीतिक समीकरणों की तो चुनावी विश्लेषक कोई भी विश्लेषण करने से अभी फिलहाल बचते नजर आ रहे है चुकी इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण यह भी माना जा रहा है कि अभी नामंकन फार्म प्रत्याशियों ने जमा किया है किसी ने नाराजगी में विरोध स्वरूप दर्ज किया है तो किसी ने जीत की संभावना को देखते हुए जमा किये है किंतु राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 14 नवम्बर को फार्म उठाने का मौका प्रत्याशियों के पास है शायद पार्टी आलाकमान का कोई ओर पैतरा अपने बागी प्रत्याशियों के लिए दिखाई दे शायद किसी के फार्म उठाने की संभावना का गणित भी बन सकता है ।

इस तरह अभी इस्थिति स्पस्ट नही है कि कौन बागी निर्दलीय प्रत्याशी आखरी तक इस चुनावी मैदान में डटे रहेगा।कुल मिलाकर वरासिवनी खैरलांजी विधानसभा का चुनाव पूरी रोचकता के साथ अपने पूरे उफान पर है ।किंतु 14 तारीख के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा फिलहाल सभी प्रत्याशी अभी अपने पूरे दमखम के साथ डटे हुए है

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