वारासिवनी प्रधानमंत्री आवास योजना. हितग्राहि नही ले सकते इतनी महंगी रेत, एक सप्ताह में हो जाएगा समस्या का निराकरण – गौरव पारधी

प्रधानमंत्री आवास योजना पर छाए संकट के बादल!
हितग्राहि नही ले सकते इतनी महंगी रेत!
एक सप्ताह में हो जाएगा इस समस्या का निराकरण – गौरव पारधी
वारासिवनी/बालाघाट-
नगर के वार्ड क्रमांक 13 में आज भाजपा युवा नेता गौरव पारधी (प्रधानमंत्री जनकल्याण प्रकोष्ठ सदस्य) ने अपने साथी कार्यकर्ताओ के साथ , प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियो के बन रहे आवासों का निरक्षण किया , श्री पारधी ने चर्चा के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी द्वारा इस महत्वकांक्षि योजना का लाभ गरीबो को भरपूर मिल रहा है जिससे भाजपा ही नही जानता में भी इस योजना की सराहना हो रही, आज तक गरीबो के सर पर पक्की क्षत हो ओर इसके लिए सरकार पैसा दे, ऐसी कोई योजना किसी अन्य सरकार द्वारा प्रदान नही की गई, लेकिन आज अपनी पक्की क्षत का सपना साकार होते देख जनता में खुशी और ऊर्जा का संचार हुआ है, जिसका पूर्णतः श्रेय हमारे प्रधानमंत्री को जाता है, लेकिन कुछ हितग्राहियो ने आवास योजना में आ रही परेशानियो की सूचना पाकर वे निरीक्षण करने यहाँ आये है, श्री पारधी ने बताया कि वे जब हितग्राहियो से मिले तो उन्हें जानकारी मिली कि दूसरी क़िस्त के जारी हो जाने के बाद भी आज तक क्षत नही बनाई जा सकी है, जिसका मुख्य कारण , रेत का अत्यंत महंगी दर पर , ठेकेदार द्वारा बेचा जाना बताया जा रहा है,


श्री पारधी ने जानकारी देते हुए बताया कि क्यो ठेकेदार द्वारा 2000 ₹ प्रति ट्राली रेत की रॉयल्टी बतौर लिया जा रहा, समझ से परे है और वे इस विषय पर कलेक्टर महोदय से जाकर चर्चा करेंगे, आश्चर्य व्यक्त करते हुए श्री पारधी ने कहा कि जब रेत की रॉयल्टी सरकारी दर पर 375 ₹ प्रति ट्राली है ओर अगर ठेकेदार द्वारा ऑक्शन में लेने के बाद भी समस्त खर्चे मान ले तो भी ठेकेदार द्वारा 1000 ₹ ट्राली , बरसात में बेची जानी चाहिए, ताकि हितग्राहियो को लगभग 1500 से 1600 ₹ प्रति ट्राली घर पहोच कर रेत मिल जाती, लेकिन ऐसा नही हो रहा और ठेकेदार द्वारा इन विपरीत समय का लाभ उठाकर मनमाने ढंग से दाम वसूला जा रहा है, जिससे हितग्राहियो को आवास पूर्ण करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है..
वही चर्चा के दौरान एक महिला हितग्रहि ने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि आज हमारे खाते में आई दूसरी क़िस्त से हमारा मकान क्षत तक पहोच गया है, और हमारा अपनी क्षत का सपना बस कुछ ही दूर है, जिसके लिए प्रधानमंत्री धन्यवाद के पात्र है, किन्तु बढ़ती रेत की कीमतों ने हमारा सपना पूरा होने में अड़चनें पैदा कर दी है, हम 2500 या 3000 ₹ में रेत किसी भी हाल में नही ले सकते या हमारे जैसे अन्य हितग्रहियों के भी हालात ऐसे ही है, जिसके लिए हम सरकार को ही जिम्मेदार मानते है क्योंकि जब ढाई लाख रुपयों में मकान बनाने है तो रेत के आसमान छूते दाम पर अंकुश लगाना चाहिए था, जो सरकार नही कर पाई

, वही भाजपा कार्यकर्ता कैलास दुल्लानी ने हितग्राहियो को मिलने वाली महंगी रेत पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि उक्त परेशानी बड़ी है और वे इस विषय पर अपने वरिष्ठ जनप्रतिनिधियो से चर्चा करेंगे , ठेकेदार द्वारा वसूले जा रहे बेलगाम दाम अनुचित है जिसका हम विरोध करते है… वार्ड पार्षद प्रवीण रूसिया ने चर्चा में बताया कि मुझे हितग्राहियो से रोजाना रूबरू होना पड़ता है और रोजाना मैं सरकार विरोधी ताने सुनता हूं, जो मुझे एक वार्ड पार्षद होने में नाते सुनना पड़ता भी है, किन्तु रेत के बेलगाम भाव ने सरकार की इतनी बढ़िया योजना पर ग्रहण लगा दिया जिसके लिए मैं बेहद चिंता में हु ओर मैं मानता हूं इसका जल्द निराकरण किया जाना चाहिए, बहरहाल देखने मे ये आया कि श्री पारधी समेत सभी कार्यकर्ताओं को निरीक्षण के दौरान हितग्राहियो ने रेत को लेकर जम कर खिंचाई की , जिसके बाद श्री पारधी ने आश्वस्त कराते हुए हितग्राहियों को समझाया कि इसका निराकरण आने वाले एक सप्ताह के भीतर कर दिया जाएगा!!

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